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बब्बू बुझक्कड़

एक शहर के छोटे से स्कूल में एक बुद्धिमान बच्चा पढ़ता था। सभी लोग उसे बब्बू नाम से पुकारते थे।
वह स्वभाव से बहुत मिलनसार था। जो भी उससे एक बार मिलता, वह उसका दोस्त बन जाता था। बब्बू की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह था कि उसे ढेर सारी पहेलियाँ आती थीं।
वह अपने दोस्तो से तरह-तरह की पहेलियाँ पूछता था। कुछ पहेलियाँ आसान होती थीं और कुछ एकदम कठिन। लेकिन चाहे पहेलियाँ कठिन हों या आसान बच्चों को पहेलियाँ हल करने में बड़ा मजा आता था और वे उससे और पहेलियाँ पूछने की जिद करने लगते थे।
क्या आप भी बब्बू से दोस्ती करके पहेलियाँ हल करना चाहते हैं? नीचे दिए गए बटनों में से किसी एक बटन पर क्लिक करके अपना उत्तर बताइए।

हमारे विषय में

अच्छा इंसान बनने के लिए कोई निश्चित पाठ्यपुस्तक नहीं होती।
एक अच्छा मनुष्य भीतर से जागने वाली प्रेरणा से बनता है।
यह प्रेरणा अच्छी और सार्थक साहित्य पढ़ने से उत्पन्न होती है।
उत्तम साहित्य हमारे विचारों और मूल्यों को सही दिशा देता है।
हमारा उद्देश्य केवल बच्चों तक अच्छा साहित्य पहुँचाना है, ताकि वे स्वयं प्रेरित होकर बेहतर इंसान बन सकें।

  • सच्चा इंसान बनने के लिए कोई किताब नहीं होती,
    ये सीख दिल की बातों से जन्म लेती है।
    जब अच्छे शब्द मन को छू जाते हैं,
    तो भीतर एक उजली लौ जलती है।

    साहित्य के पन्नों में छिपी होती है प्रेरणा,
    जो चुपके से जीवन को संवार देती है।
    हम तो बस राह दिखाते हैं बच्चों को,
    अच्छी किताबें ही उन्हें महान बना देती हैं।