हमारे बारे में
हम रचनात्मक विचारधारा वाले, अनुभवी, कर्मठ एवं संवेदनषील व्यक्तियों का एक समूह हैं। यूँ तो इस समूह का हर व्यक्ति, लगभग 15 वर्श से अधिक से प्ज् क्षेत्र में अंतरराश्ट्रीय स्तर पर काम कर रहा है लेकिन राश्ट्रीय स्तर पर अपने दायित्वों की पूर्ति करते हुए अपने आस पास के लोगों, उनके परिजनों एवं परिवेष को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है।
हम सभी चाहते हैं कि हम सब मिल कर इस देष को रहने का श्रेश्ठ स्थान बना सकें।
अपनी इस चाह की पूर्ति के लिए हम, अपनी हर छोटी बड़ी सफलता के बाद अपने कार्य क्षेत्र को विस्तार देते आए है। हमने कभी उसमें नए कार्य क्षेत्रों को जोड़ा है तो कभी अपनी कार्य प्रणलियों में मूलचूक परिवर्तन करके उन्हें नवीनता प्रदान की है।
यहाँ पर अपना और अपने कार्यों का परिचय देकर अपनी प्रमाणिकता सिद्ध करना हमारा उद्देष्य नहीं है। न ही वर्तमान संदर्भ में इसकी आवष्यकता है। हम चाहते है कि इस परिचय के माध्यम से आप यह जान ले कि हम अनुभवी हैं कमर्ठ है, संवेदनषील है और जो हम कह रहें है उसमें अर्थ है, हमारी संवेदनाएं हैं और सच्चाई ही उसका आधार है।
इस बार हमने बच्चों की दुनियाँ को ही अपना कार्यक्षेत्र माना हैं। हम आधुनिकतम टेक्नोलजी के माध्यम से ही उस दुनियाँ में जाने का प्रयास कर रहे हैं।
आर्टीफिषियल इन्टेलिजेन्स (AI), आज के युग का का सर्वोत्तम आविश्कार है और जो टेक्नोलजी से दूर हैं, षायद उनके लिए चमत्कार भी है। लेकिन हमारा मानना है कि बच्चे, आने वाले भविश्य का आधार हैं। अतः जो आज बच्चे है, वह कल बड़े होंगे।
फिर उनके दौर में, नए बच्चे आएंगे और यह सिलसिला अनवरत रूप से आगे चलता जाएगा। यह ठीक वैसा ही है, जैसे एक बीज से अनेक बीज बनना और फिर अनेकों बीजों से अनेकों अनेक बीज बनना।
जरा सोच कर देखिए, अनवरत चलती इस प्रक्रिया में, यदि बीजों का स्वरूप बदलता रहे तो आगे चल कर आगे आने वाले बीजों की पैदाईष कैसी होगी?
हमें, आपको, हमारे समाज को हमारे देष को और हमारी इस धरती को अच्छे इन्सानों की आवष्यकता है। हमने इस बार बच्चों की दुनियाँ को अपना कार्यक्षेत्र, इसलिए चुना है क्यों कि उनका बाल मन कोमल होता है। वह अनुभवों से, देखी पढ़ी बातों से जल्द सीख जाता। जो छाप उसके चरित्र चिन्तन एवं भावनाओं पर पड़ती है वह गहरी होती। षायद इतनी गहरी कि वह उसके व्यक्तित्व, आचरण और कभी कभी संस्कारों में भी परिलक्षित होने लगती है।
याद करिए ‘‘सच्चा बालक’’ षीर्शक वाली कहानी जो हम सभी ने अपनी बाल्यावस्था में पढ़ी थी। उस कहानी ने सबके बाल मन को प्रभावित किया था और आज भी वह हमारे अन्तरमन में बैठी सच की राह पर चलने के लिए प्रेरित करती रहती है।
हम चाहते है कि आधुनिक टेक्नोलजी का प्रयोग करते हुए बड़े लोग (उम्र और अनुभव में बड़े) बच्चों के लिए एक ऐसे संसार का निर्माण करें जो सरल हो सहज हो, सरस हो, मन भावन हो। जो उन्हें लुभा सके, और नेक इंसान बनने के लिए प्रेरित कर सकें। जिससे कालान्तर में एक से दो, दो से चार और चार से सोलह के रास्ते से हो कर अनन्त तक जाने वाली सीरीज़ अपना प्रयोगात्मक पक्ष, अच्छे बच्चों और संस्कारवान नागरिकों के रूप में प्रस्तुत कर सके।
यदि परिवर्तन की इस बेला में, आपके पास बच्चों को श्रेश्ठ से श्रेश्ठतर बनाने के लिए आपके पास कुछ है तो हमें दें, हम उसे आपके नाम से बच्चों के लिए प्रकाषित करके हर्शित और उल्लासित अनुभव करेंगे। हमें विष्वास हो जाएगा कि आप इस कार्य में हम अकेले नहीं हैं हमारे सहयोगी भी हमारे साथ हैं।
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हमारा मिषन
हमारा मिषन है कि बच्चों के अंतरमन को निरन्तर प्रभावित करने के लिए उनकी जिज्ञासाओं और रूचि के अनुरूप श्रेश्ठ सामग्री तैयार की जाए और यदि जिन लोगों के पास वह सामग्री पहले से निर्मित अथवा उपलब्ध है, उसे एक जगह एकत्र करके बच्चों के डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं जिससे श्रेश्ठता उनके मन, हृदय चिन्तन एवं व्यवहार में रच बस जाए जिससे बड़ें होकर अच्छे इन्सान बन सकें।
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हमारा विज़न
श्रेश्ठता ही मानवता का मूल आधार है। उसका विकास करके ही मानवता का विकास किया जा सकता है। बाल मन जन्म से ही श्रेश्ठ होता है। कालान्तर में अनेकों आवान्छित कारणों से उसकी श्रेश्ठता क्षीण पड़ जाती है और मानवता का ह्रास होने लगता है। क्षीण पड़ने कि इस क्रिया को यदि रोका जा सके तो निःसंदेह मानवता का विकास किया जा सकता है। बच्चों के मन को श्रेश्ठ साहित्य, श्रेश्ठ चिन्तन एवं श्रेश्ठ संस्कारों से निरन्तर प्रभावित करते रहना, आज की सबसे बड़ी आवष्यकता है।
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हमारी योजना
हमारी योजना, उन सभी लोगों को अपने साथ जोड़ना है जो अपनी किसी प्रतिभा या क्षमता से बच्चों के लिए कुछ रचनात्मक सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराना चाहते हैं।
हम अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर उनकी सामग्री को सभी बच्चों के लिए प्रकाषित करेंगे, उसका प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और अच्छा सोचने और अच्छा बनने की प्रेरणा देंगे। -
हमारा संकल्प
हमारा संकल्प है कि हम धर्म जाति, संप्रदाय, वर्ग आदि से आगे बढ़ कर मानवीय मूल्यों को आधार मानते हुए ही बच्चों के हित में कार्य करेंगे।
हमारी सभी सुविधाएं बच्चों के लिए आजीवन निषुल्क उपलब्ध रहेंगी और उन्हे सदैव अच्छा इन्सान बनाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
Friendly atmosphere for all kids
A Swiss follower of Jean-Jacques Rousseau's belief in the inherent goodness of children helper.The kindergarten was developed in the nineteenth century by Friedrich Froebel, a German reformer and educator. He built upon the ideas of Johann Heinrich Pestalozzi.
- Full Day Sessions
- Varied Classes
Parents Says
With the help of teachers and the environment as the third teacher, students
have
opportunities to confidently take risks.
Our Best Teachers
With the help of teachers and the environment as the third teacher, students
have
opportunities to confidently take risks.
experience
each year
Wining