सद् व्यवहार
Well done!
उद्देश्य
इस कहानी का उद्देश्य बच्चों को यह बताना है कि अच्छे काम करने पर ही व्यक्ति अच्छा कहलाता है । जो लोग निरन्तर अच्छे कार्य करते हैं, उन्हें लोग प्यार करने लगते हैं और धीरे-धीरे वह सबके दुलारे बन जाते हैं ।
कहानी
कुछ दिनों पहले की बात है कि एक पुराने घने जंगल में हाथी का एक नया परिवार आया, और बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे रहने लगा । हाथी के इस परिवार में केवल तीन सदस्य थे, पापा हाथी, मम्मी हाथी और बेबी हाथी ।
बेबी हाथी अभी छोटा था लेकिन बहुत समझदार था । वह स्वभाव से बड़ा सरल था और दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता था ।
वह अभी नया नया जंगल में आया था इसलिए वह अभी किसी को जानता नहीं था । उसका कोई दोस्त भी नहीं था ।
बेबी हाथी चाहता था कि वह इस जंगल में खूब सारे दोस्त बनाए । वह उनके साथ मिलकर खेले, सैर सपाटे पर जाए और खूब मौज करे । लेकिन जब भी वह किसी जानवर के पास मिलने जाता, तो वह उसे पास आता देख कर दूर चला जाता । अपने प्रति उनका यह व्यवहार देखकर, बेबी हाथी को बड़ा दुख होता था । वह यह नहीं समझ पाता था कि जानवर उसके साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं । जब कई दिनों तक इसी तरह होता रहा तो उसने निश्चित किया कि वह अगले कुछ दिनों में ही कम से कम एक अच्छा दोस्त अवश्य बनाएगा ।

एक दिन जब बेबी हाथी जंगल में अकेले इधर उधर घूम रहा था तो उसने देखा कि दूर से एक जंगली सुअर चला आ रहा है । सुअर पूरी तरह से कीचड़ में लथपथ था । उसके शरीर से नाक सड़ा देने वाली दुर्गन्ध आ रही थी ।
जब सुअर बेबी हाथी के पास पहुँचा तो उसने देखा कि वह रो रहा है । उसके शरीर से आने वाली दुर्गन्ध इतनी तेज थी कि बेबी हाथी को लगा कि वह वहाँ से भाग जाए । लेकिन सुअर की ऐसी हालत देख कर उसे बहुत दुख हुआ । वह सोचने लगा कि सुअर कष्ट में है । उसे सहायता की आवश्यकता है । ऐसे में उससे दूर भागना अच्छी बात नहीं होगी ।
ऐसा व्यवहार तो खराब लोग करते हैं। वह जानता था कि वह खराब बच्चा नहीं है । इसलिए वह भागा नहीं, वहीं खड़ा रहा ।
बेबी हाथी ने सुअर से पूछा, सुअर भैया क्या बात है ? तुम क्यूँ रो रहे हो ? तुम कीचड़ में क्यूँ सने हुए हो ?
बेबी हाथी की बात सुन कर सुअर और तेजी से रोने लगा और बोला, मैं अपने दोस्तों के साथ खेलने जा रहा था । जब हम पुल से जा रहे थे तो मेरा पैर फिसल गया । मैं गन्दे नाले में गिर गया । मेरे गिरने पर, मेरे सारे दोस्त जोर-जोर से हँसने लगे । वह सब मेरा मज़ाक उड़ाने लगे । जब मैं नाले से निकल कर बाहर आया तो मेरे शरीर से बहुत दुर्गन्ध आ रही थी । इसी कारण मेरे सब दोस्त मुझे अकेला छोड़ कर भाग गए । वह बोले, तुम गन्दे हो । हमारे साथ रहने लायक नहीं हो । यह कह कर, वह सब भाग गए ।
इसके बाद मैं पानी खोजने जगह-जगह गया किसी ने भी मुझे साफ होने के लिए पानी नहीं दिया और भगा दिया । वह बोले, तुम्हारे पास से बदबू आ रही है यहाँ से भाग जाओ ।
तब से मैं ऐसे ही गन्दा घूम रहा हूँ । समझ में नहीं आ रहा है कि ऐसे में मैं क्या करूँ ? कैसे घर जाऊँ ? घर जाऊँगा तो मम्मी पापा से डाँट पड़ेगी ।
सुअर की बात सुन कर बेबी हाथी बोला, फिकर नहीं करो दोस्त । मैं नहाने और साफ होने में तुम्हारी मदद करूँगा और तुम्हारे मम्मी पापा को सही-सही बात बताऊँगा । तब वह तुम्हें नहीं डाटेंगे ।
बेबी हाथी की बात सुनकर सुअर को बड़ा आश्चर्य हुआ । उसने बेबी हाथी से पूछा कि क्या तुमको मेरे पास से बदबू नहीं आ रही है ? क्या तुम्हारा मुझसे दूर भागने का मन नहीं कर रहा है ?
यह सुनकर हाथी बोला, इस समय तुम परेशानी में हो । अच्छे लोग किसी को परेशानी में छोड़कर भागते नहीं हैं । वह उसकी परेशानी दूर करने की कोशिश करते हैं । मैं तुम्हारा सच्चा दोस्त हूँ । मैं तुम्हारे शरीर से कीचड़ साफ करने की पूरी कोशिश करूँगा ।
यह बात सुनकर सुअर बोला, हाथी भइया तुम कितने अच्छे हो । तुम मेरे सारे दोस्तों से एकदम अलग हो । तुम ही मेरे सच्चे दोस्त हो । मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा और तुम्हारे ही साथ खेला करूँगा ।
सुअर की बात सुन कर बेबी हाथी को लगा कि उसे उसका पहला दोस्त मिल गया है । वह उसे लेकर नदी की ओर चल पड़ा ।
नदी का बहाव देखकर सुअर घबरा गया । वह चिल्लाया, मैं नदी में नहीं नहाऊँगा । मै इसमें बह जाऊँगा ।
दोस्त को घबराया देखकर बेबी हाथी बोला, तुम्हें नदी में नहीं उतरना है । तुम यहीं आराम से आँख बन्द करके बैठो । मैं तुम्हें नहलाऊँगा । थोड़ी देर में तुम साफ सुथरे हो जाओगे ।
बेबी हाथी की बात सुनकर सुअर बोला, तुम मुझे कैसे नहलाओगे ? तुम्हारे पास न तो कोई बाल्टी है और न कोई लोटा ।
सुअर की बात सुनकर हाथी हँसा और बोला अब देखो तुम मेरा कमाल, मैं कैसे तुम्हें साफ करता हूँ । यह कह कर बेबी हाथी ने अपनी सूँड़ नदी में डाली और ढेर सारा पानी सूँड़ में खीच लिया । फिर उसने जोर से फूँका और सारा पानी पिचकारी की तरह सुअर पर उड़ेल दिया ।
पानी की तेज धार से सुअर के शरीर में गुदगुदी हुई । वह खिलखिला कर हँसने लगा । उसकी कुछ गन्दगी धुल गयी । हाथी ने फिर नदी से सूँड़ में पानी भरा और पहले की तरह सुअर पर उड़ेल दिया । सुअर और साफ हो गया । इस प्रकार नहाने धोने का कार्यक्रम बड़ी देर तक चलता रहा ।
पूरा साफ हो जाने पर भी नहाना धोना रूका नहीं । हाथी सूँड़ भर-भर कर सुअर पर फव्वारा मारता रहा । सुअर खिलखिलाता रहा और फव्वारे का मजा लेता रहा । थोड़ी देर में उसने गाना शुरू कर दिया । गाना सुनकर बेबी हाथी नाचने लगा ।
थोड़ी देर में दोनों दोस्तों की मस्ती पूरे जोर पर पहुँच गयी । अब हाथी अपनी सूँड़ से हवा में फुहार छोड़ने लगा । दोनों दोस्तों को ऐसा लगा कि वह बारिश नृत्य कर रहे हैं । वह बड़ी देर तक इसी तरह नृत्य करते रहे ।
जब हवा तेजी से चलने लगी तब दोनों को होश आया कि अब बहुत देर हो गयी है ।
सुअर बोला, मुझे ठण्ड लग रही है । अब बस करो । मजा आ गया । कल फिर आते हैं ।
सुअर की बात सुन कर हाथी ने उस पर सूँड़ से हवा छोड़नी शुरू कर दी । कुछ ही देर में सुअर पूरी तरह सूख गया और दोनों दोस्त घर की तरफ चल पड़े ।
अगले दिन जब वह नदी की तरफ जा रहे थे तो रास्ते में आम का एक बगीचा पड़ा । पेड़ पर पके हुए पीले पीले आम लगे हुए थे । आमों की सुगन्ध चारों तरफ फैली हुई थी । आमों की सुगन्ध से दोनों दोस्तों के मुँह में पानी आने लगा ।
उन्होंने देखा कि बगीचे में एक बन्दर, एक डाल से दूसरी डाल पर कूद रहा है और तोड़ तोड़ कर आम खा रहा है । दोनों दोस्तों ने सोंचा कि क्यों न बन्दर से अनुरोध किया जाए कि वह कुछ आम उन्हे भी खाने के लिए दे ।
वह उससे अनुरोध करने के लिए आगे बढ़े ही थे कि उन्होंने देखा कि बन्दर एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदा लेकिन दूसरे पेड़ की डाल उसके हाथ में नहीं आई और वह नीचे गिरने लगा ।
उसे गिरता देखकर बेबी हाथी तेजी से आगे भागा । उसने अपनी सूँड़ को एक कुर्सी के आकार का बना लिया । उसने हवा में ही बन्दर को सूँड़ की कुर्सी पर बैठा लिया । बन्दर जमीन पर गिरने से बच गया । यदि वह जमीन पर गिरता तो उसकी हड्डी पसली एक हो जाती । शायद वह जीवन भर चल नहीं पाता और न ही पेड़ पर चढ़ पाता । लेकिन बेबी हाथी ने उसे बचा लिया ।
हाथी ने बन्दर को अपनी सूँड़ से उतारा और जमीन पर बैठा दिया । बन्दर बड़ी देर तक हाथी को देखता रहा, और उसे धन्यवाद देता रहा ।
वह बोला, दोस्त अगर तुमने मुझे न पकड़ा होता तो मैं तो मर ही जाता । मेरी जान बचाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद । उसने दोस्तों से पूछा, यह बताओ, आम खाओगे । यहाँ के आम बहुत मीठे और स्वादिष्ट हैं ।
सुअर और हाथी को मन माँगी मुराद मिल गई । दोनों ने एक स्वर में हाँ कह दिया ।
बन्दर पेड़ पर चढ़ा और ढेर सारे आम तोड़ लाया । तीनों लोगों ने जी भर कर मीठे-मीठे आम खाए और अपनी दोस्ती पक्की कर ली ।
तीनों ने निश्चय किया कि वह कल फिर आम खाने बगीचे में आएंगे और आम खा कर खूब मस्ती करेंगे ।

अगले दिन जब तीनों दोस्त बगीचे की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि एक भालू अपने छोटे से बच्चे को गोदी में लिए है । बच्चा बहुत जोर-जोर से रो रहा है । वह हाथ, पैर पटक रहा है । वह झूला झूलने की जिद कर रहा था ।
भालू उसे समझाने की कोशिश कर रहा था कि यहाँ कोइ झूला-वूला नहीं है । वह कैसे झूला झूलेगा ? पर बच्चा तो बच्चा, वह मान ही नहीं रहा था । उसने और तेजी से रोना शुरू कर दिया ।
भालू को गुस्सा आ गया । उसने बच्चे को डाँटा और जमीन पर बैठा दिया ।
बेबी हाथी ने बच्चे को रोता देखा और मदद करने के लिए भालू के पास पहुँचा । उसने भालू से पूछा कि क्या मैं इसे झूला झुला सकता हूँ ।
हाथी की बात सुनकर भालू को आश्चर्य हुआ कि यह कैसे झूला झुलाएगा, लेकिन उसने हाँ कर दी । हाँ सुनते ही भालू का बच्चा भी चुप हो गया और बेबी हाथी को देख कर मुस्कुराने लगा । वह झट से हाथी की ओर भागा ।
हाथी ने उसे अपनी सूँड़ में पकड़ कर ऊपर उठा लिया । वह उसे हवा में इधर उधर हिलाने लगा । बच्चा खुशी से खिलखिलाने लगा ।
हाथी ने फिर अचानक बच्चे को हवा में उछाल दिया और फिर सूँड़ से कैच कर लिया । बच्चे को हवा में उछल कर बहुत रोमांच हुआ । उसे लगा कि वह बादलों को पकड़ने के लिए आसमान में कूद रहा है ।
वह हाथी से एक बार फिर, इसी तरह उछालने का आग्रह करने लगा । हाथी ने उसे एक बार फिर हवा में उछाला और कैच किया ।
बच्चे को खुश देख भालू भी खुश हो गया और जोर-जोर से हँसने लगा ।
उछलते उछलते जब बच्चा थक गया तो हाथी ने उसे जमीन पर बैठा दिया ।
बेबी हाथी ने जरा देर में वह काम कर दिखाया जो भालू पिछले कई घंटो से नहीं कर पाया था और परेशान हो रहा था ।
उसने पास आ कर हाथी का धन्यवाद किया और उसे गले से लगा लिया । भालू के गले से लग कर हाथी को प्यार भरी अनुभूति हुई । ऐसी अनुभूति पहले कभी नहीं हुई थी । खुशी से उसके आँखो में आँसू आ गये । इस तरह भालू भी हाथी का दोस्त बन गया ।
धीरे-धीरे बेबी हाथी ने अपने अच्छे व्यवहार से सभी जानवरों का मन जीत लिया । खरगोश, हिरन, चीता, जिराफ सब उसके दोस्त बन गये । वह सारे जंगल में अपने सदाचार के लिए मशहूर हो गया । सारे जानवर उसे चाहने लगे ।
बेबी हाथी ने अपने सद् व्यवहार से सभी जानवरों को यह बता दिया कि अच्छे आचरण से ही इस धरती को रहने का एक शानदार स्थान बनाया जा सकता है ।
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