टिम टिम और शेर राजा की दोस्ती
Well done!
टिम टिम और शेर राजा की दोस्ती
शहर के एक बड़े पेड़ पर टिम टिम नाम की एक बहुत चतुर और मददगार गौरैया रहती थी। टिम टिम अपनी तेज़ नज़र और सूझबूझ के लिए जानी जाती थी। जब भी किसी को कोई मुश्किल होती, टिम टिम मदद के लिए हाज़िर रहती।
एक बार, शहर में ठंड का मौसम आने वाला था। टिम टिम ने देखा कि बहुत-से छोटे पक्षी और जीव-जंतु ठंडी हवा से काँप रहे थे। उन्हें घोंसले बनाने के लिए सूखी टहनियाँ और खाने के लिए दाने नहीं मिल रहे थे। टिम टिम ने अपनी पूरी कोशिश की। वह यहाँ से वहाँ उड़ती, तिनके लाती, दाने ढूंढती, लेकिन शहर बहुत बड़ा था और ज़रूरतमंद बहुत ज़्यादा। टिम टिम को लगने लगा कि वह अकेली इतनी मदद नहीं कर पाएगी। उसे बहुत दुख हुआ। वह सोचने लगी, "मैं सबकी मदद कैसे करूँ? मेरे पास इतना समय और ऊर्जा नहीं है।"
टिम टिम उड़कर शहर के बड़े पार्क में अपने सबसे अच्छे दोस्त, शेर राजा के पास गई। शेर राजा बहुत बलवान और बड़ा था, लेकिन उसका दिल बहुत दयालु था। सभी जानते थे कि शेर राजा सिर्फ़ दिखने में डरावना था, असल में वह बहुत भला था।
टिम टिम ने उदास होकर शेर राजा को अपनी परेशानी बताई। "मित्र शेर राजा, मैं शहर के कोने-कोने में ज़रूरतमंद पक्षियों की मदद करना चाहती हूँ। उन्हें ठंड से बचाने के लिए घोंसले और खाने के लिए दाने चाहिए, लेकिन मैं अकेली सब जगह नहीं पहुँच पा रही हूँ। मेरे पास समय और ऊर्जा की कमी है।"
शेर राजा ने ध्यान से सुना और मुस्कुराया। "टिम टिम, तुम चिंता मत करो! हम मिलकर यह समस्या हल करेंगे। तुम बहुत चतुर हो और तुम्हारी नज़र बहुत तेज़ है। तुम अपनी आँखों से उन जगहों को ढूँढो जहाँ सबसे ज़्यादा मदद की ज़रूरत है। मुझे बताओ कि कहाँ सूखी टहनियाँ या दाने चाहिए। मैं अपनी ताक़त और तेज़ चाल का इस्तेमाल करूँगा। मैं बड़े-बड़े पेड़ों से गिरी हुई टहनियाँ और कहीं से मिले दाने बहुत जल्दी उन जगहों पर पहुँचा दूँगा।"
टिम टिम की आँखें चमक उठीं। "यह तो शानदार विचार है, शेर राजा! दोस्ती हो तो ऐसी!"
अगले दिन से ही उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया। टिम टिम ऊँचे आसमान में उड़ती, अपनी तेज़ नज़र से देखती कि कहाँ कोई घोंसला अधूरा है या कौन-सा पक्षी भूख से परेशान है। जैसे ही उसे कोई ज़रूरतमंद दिखता, वह तुरंत शेर राजा को संकेत देती।
शेर राजा अपनी मज़बूत पीठ पर सूखी टहनियों का ढेर और दानों की पोटली लेकर, बड़ी तेज़ी से शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुँच जाता। टिम टिम उसे रास्ता दिखाती और शेर राजा बड़ी सावधानी से सारा सामान सही जगह पर रख देता। उनकी दोस्ती और मदद करने की भावना देखकर दूसरे जानवर भी हैरान थे।
धीरे-धीरे, टिम टिम और शेर राजा की मदद से, शहर के सभी पक्षियों के पास गर्म घोंसले और भरपूर भोजन था। ठंड का मौसम आया, लेकिन किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। सब टिम टिम की चतुराई और शेर राजा की ताक़त की दाद दे रहे थे। सबसे ज़्यादा तो वे दोनों अपनी गहरी दोस्ती पर गर्व कर रहे थे।
जीवन का मूल्यवान पाठ:
यह कहानी हमें सिखाती है कि जब हम अकेले किसी बड़ी समस्या का सामना करते हैं, तो निराश नहीं होना चाहिए। हमें अपने दोस्तों या दूसरों की मदद लेनी चाहिए। हर किसी के पास कुछ ख़ास गुण होते हैं – किसी के पास बुद्धिमत्ता होती है, तो किसी के पास शक्ति। जब हम मिलकर काम करते हैं और एक-दूसरे की ताक़त का इस्तेमाल करते हैं, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं रहती। सच्ची दोस्ती और सहयोग से हम बड़े से बड़े काम को भी आसानी से पूरा कर सकते हैं और दूसरों की मदद भी कर सकते हैं।
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