चुन्नू और मीठी की दोस्ती
एक प्यारे से घर में, एक नन्ही गिलहरी रहती थी, जिसका नाम था चुन्नू। चुन्नू बहुत ही प्यारा और फुर्तीला था। उसकी सबसे बड़ी खूबी थी उसकी मददगार प्रकृति। वह हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहता था। और एक और बात, चुन्नू को चित्र बनाना बहुत पसंद था! वह अपनी नन्ही उंगलियों से ऐसे प्यारे-प्यारे चित्र बनाता था कि सब उसकी तारीफ करते थे। उसके दोस्त उसे 'नन्हा कलाकार' बुलाते थे।

पर चुन्नू की एक समस्या थी। वह बोल नहीं सकता था। वह अपनी बातें, अपनी इच्छाएँ दूसरों को बता नहीं पाता था। यह बात उसे कभी-कभी बहुत दुखी कर देती थी।
एक दिन, चुन्नू ने देखा कि घर के आँगन में एक छोटी चिड़िया ज़ोर-ज़ोर से रो रही है। उसका छोटा घोंसला तेज़ हवा से ज़मीन पर गिर गया था और उसके अंडे बिखर गए थे। चिड़िया बहुत परेशान थी। चुन्नू का दिल पिघल गया। वह तुरंत चिड़िया की मदद करना चाहता था, पर वह उसे कैसे समझाता? वह कूद-कूद कर इशारे करता रहा, पर चिड़िया उसकी बात समझ नहीं पाई और रोती रही। चुन्नू बहुत निराश हो गया।
तभी, घर की खिड़की से एक प्यारी सी बच्ची झाँक रही थी। उसका नाम था मीठी। मीठी बहुत ही समझदार और दयालु थी। वह चुन्नू की सबसे अच्छी दोस्त थी। मीठी ने देखा कि चुन्नू उदास है और चिड़िया रो रही है।
मीठी जानती थी कि चुन्नू बोल नहीं सकता, पर वह अपनी बातें चित्रों से बता सकता है। मीठी चुन्नू के पास आई और उसे एक छोटा सा कागज़ और पेंसिल दी। चुन्नू ने झटपट अपनी नन्हीं उंगलियों से चिड़िया का टूटा घोंसला, रोती हुई चिड़िया और बिखरे हुए अंडे का चित्र बना दिया। फिर उसने एक और चित्र बनाया जिसमें वह चिड़िया की मदद कर रहा था, पर उसका मुँह बंद था।
मीठी ने ध्यान से चित्र देखे। उसने तुरंत समझ लिया कि चुन्नू चिड़िया की मदद करना चाहता है, पर बोल न पाने के कारण परेशान है। मीठी ने मुस्कुराते हुए चुन्नू की ओर देखा और कहा, "घबराओ मत चुन्नू! हम मिलकर चिड़िया की मदद करेंगे।"
मीठी और चुन्नू ने मिलकर एक योजना बनाई। मीठी ने चुन्नू को कुछ मुलायम घास और पत्तियाँ लाकर दीं। चुन्नू ने अपनी तेज़ रफ्तार और कलाकारी से, मीठी की मदद से, चिड़िया के लिए एक नया, मजबूत घोंसला बना दिया। मीठी ने सावधानी से बिखरे हुए अंडों को उठाकर नए घोंसले में रख दिया।
जब चिड़िया ने अपना नया घोंसला और अपने अंडे सुरक्षित देखे, तो वह बहुत खुश हुई। उसने चहक कर चुन्नू और मीठी को धन्यवाद दिया। चुन्नू का दिल खुशी से भर गया। उसने मीठी को प्यार से देखा। उसने अपनी सबसे बड़ी समस्या को अपनी सबसे बड़ी कला से हल कर लिया था, और मीठी ने उसकी मदद की थी।
उस दिन से, जब भी चुन्नू किसी की मदद करना चाहता, वह अपने चित्रों के माध्यम से मीठी को बताता और मीठी उसकी बातें समझकर उसकी मदद करती। वे दोनों मिलकर कई ज़रूरतमंदों की मदद करते थे। उनकी दोस्ती और उनका दृढ़ संकल्प सबको प्रेरणा देता था।
जीवन का महत्वपूर्ण सबक: हमें कभी भी अपनी कमियों या मुश्किलों से हार नहीं माननी चाहिए। दृढ़ संकल्प और रचनात्मकता से हम किसी भी समस्या का समाधान ढूंढ सकते हैं। अगर हम बोल नहीं पाते, तो हम लिख या चित्र बनाकर अपनी बात बता सकते हैं। और सबसे महत्वपूर्ण, सच्चे दोस्त हमेशा हमारी मदद करते हैं। हमें दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए, क्योंकि सबकी मदद करने में ही सच्ची खुशी है।